# नमन मंच🙏🙏🙏
# नव साहित्य परिवार
# दिनांक- 16/05/2021
# दिन- रविवार
#विषय- स्वैच्छिक (मुस्कुराती जिंदगी)
#विधा -स्वैच्छिक ( छंदमुक्त कविता)
संघर्ष से न घबराती,
हमेशा आगे बढती जाती,
सबसे प्रेम बांटती,
खुशी के गीत गाती,
सबको हंसाती,
सुख दुःख को सहती,
गिले शिकवे करती,
सबसे प्रेम की आस करती,
मन की भावना बयां करती,
पता भी चलता ,
कैसे हंसते मुस्कुराते बीत गई यह जिंदगी।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू, जम्मू कश्मीर
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