पुत्ररत्न प्राप्ति और होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
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# नमन मंच 🙏🙏🙏
# समतावादी कलमकार साहित्य शोध संस्थान, भारत
# दिनांक - 29/03/2021
# दिन - सोमवार
# विषय - चित्र आधारित (पुत्ररत्न)
# शीर्षक - नन्ही सी किलकारियां
# विधा - कविता
नन्ही सी किलकारियां
करती मन को बिभोर
खुशी की कोई सीमा नहीं
लाल मिला बहुत अनमोल
चांद सा मुखड़ा देखकर
भूल जाती सब दुनिया
सुंदरता देखकर लाल की
फीकी सी लगती है परियाँ
बहन उठाकर बाहों मे
भाई पर प्यार लुटाती
भाई के आने की खुशी में
हमेशा रहती गीत गुनगुनाती।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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