# नमन मंच 🙏🙏🙏
# नव साहित्य परिवार
# दिनांक - १३/०३/२०२१
# दिन - शुक्रवार
# विषय - होली के रंग अपनों के संग
# विधा - कविता
होली के दिन रंग लगाए,
दिलों से नफरतें मिटाए ।
फीकी जिंदगी में भर दें रंग,
सब नाचे एक दूसरे के संग।
सब मिलकर होली मनायेंगे,
प्रेम के रंग में रंग जाएगें।
बैर विरोध का अब न कोई नाम होगा,
सब के दिल में प्रेम का वास होगा।
होली के रंग में सब रंग जाएंगे,
प्रेम प्रीत के गीत हमेशा गाएंगे ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
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