# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंदी साहित्य संगम संस्थान मध्यप्रदेश इकाई
# दिनांक - २८/०२/२०२१
# दिन - रविवार
# विषय - चंद्र शेखर आजाद
# विधा - स्वैच्छिक छंदमुक्त कविता
आजादी के दीवाने थे
मर मिटने के गाते तराने थे
आजादी मांगती कीमत भारी थी
तभी अपनी चिता स्वयं संवारती थी
स्वराज का दिया नारा था
लगा सबको प्यारा था
आजाद थे आजादी के लिए लडे़
मर मिटने के लिए हमेशा आगे बढ़े ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर ,जम्मू
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