# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंदी साहित्य संगम संस्थान गुजरात इकाई
# दिनांक - २२/०३/२०२१
# दिन - सोमवार
# विषय - कविता
# विधा - कविता
कवि बोलता है बोल
बन जाते हैं अनमोल
रचता है कविता निर्मल सोच
बज जाते हैं ढोल
दिल की बात खोलता
सच प्यार के बोल बोलता
देश प्रेम की भावना
खत्म करती है सब कामना
कवि शब्दों को देता है अर्थ
प्रयास कभी नहीं जाता व्यर्थ ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर ,जम्मू
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