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सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

चित्र आधारित

 नमन 🙏🙏🙏  मंच 🌴🌱🍁🌹🌻🌼🎄🌳🎋🌸🌺💐🍃☘🎍🌷🥀🌹🥀🌻🌼🌸🌸🌺🌾🍁🍄🌿🌱🌴🍀🎍🎋🌺 

दिनांक - २२/०२/२०२१

विषय - चित्र आधारित

विधा - स्वतंत्र (कविता)

मजबूरी बेबसी का नाम है गरीबी 

लगती है सारी जिंदगी फीकी

गरीबी में कोई नहीं बनता है सहारा

ऐसा कोई मिलता नहीं जिस कहूँ अपना दुख सारा

वोट की लड़ाई पढाई का किसी को फिर्क नहीं

खा जाते हैं सारा पैसा जिस कोई जिक्र नहीं

सिर्फ तख्ती पर ही लिखा रह जाएगा मेरा भारत देश महान 

कौन साकार करेगा मेरे सपने महान  |

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जम्मू कश्मीर ,जम्मू






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