फ़ॉलोअर

शनिवार, 16 जनवरी 2021

यह मार्ग कठिन है पथिक - कविता

   कविता - यह मार्ग कठिन है पथिक 

पथिक यह मार्ग है कठिनाईयों 
यह मार्ग है पीर पराइयो का
मार्ग में अनेक रोड़े है
हर विपदा में अकेले है
यह मार्ग कठिन है पथिक
यह मार्ग कठिन है।
दुख को झेलना पड़ता है
रोते-रोते हंसना पड़ता है
दूर होती सुख की परछाई है
दुख ही मर्म बन जाता है
यह मार्ग कठिन है पथिक
यह मार्ग कठिन है।
रिश्तों का यहां मोल नहीं
मोह माया का शोर नहीं
बिरहा आग लगाता है
दुख सुख सहना आ जाता है
यह मार्ग कठिन है पथिक
यह मार्ग कठिन है।
(अमरजीत सिंह
जम्मू-कश्मीर, जम्मू)

कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...