नमन मंच 🙏🙏🙏🙏🙏🙏
#हिंददेश परिवार उड़ीसा इकाई
दिनांक - 28/06/2021
विषय- भारतीय किसान
विधा -छंदमुक्त कविता
मैं हिन्द का किसान हूं
हर मौसम में लड़ता हूं
कभी हथियार नहीं नीचे रखता हूं
तभी तो सोने जैसी फसल पैदा करता हूं
मैं हिन्द का किसान हूं।
खून पसीने से धरती सींचता हूं
सदा हिम्मत रखता हूं
मेरा देश अन्न भंडार से भरा रहे
तभी तो इतनी मेहनत करता हूं
मैं हिन्द का किसान हूं
मैं जात पात को नहीं मानता हूं
मेहनत ही मेरा धर्म है ये ही मेरा कर्म है
मैं सभी की भूख मिटाने के लिए
खुद भूखा प्यासा काम करता हूं
मैं हिन्द का किसान हूं।
मेरे देश मैं सिर्फ तुझे से
अपना हक़ ही मांगता हूं
मैं किसी के हाथ की कठपुतली ना बन जाऊं
देश से न्याय मांगता हूं
मैं हिन्द का किसान हूं।
अमरजीत सिंह
जम्मू-कश्मीर, जम्मू
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