नमन मंच 🙏🙏🙏
#हिंददेश परिवार जम्मू कश्मीर इकाई
दिनांक - 15/06/2021
दिन- मंगलवार
#विषय - भारतीय संस्कृति
विधा - गद्य - पद्य (आलेख)
भारतीय संस्कृति आरंभ से ही वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना पर विश्वास रखती है अर्थात सारे संसार को एक परिवार मानती है । इसके अनुसार सभी एक ईश्वर की संतान हैं, कोई भी छोटा बड़ा नहीं है । ईश्वर को सर्वव्यापी माना जाता है। हर एक जीव को ईश्वर का अंश माना जाता है।
अहिंसा,दया, क्षमा, प्रेम, प्यार हमारे विशेष गुण है। जो हमारे चरित्र को उज्ज्वल और श्रेष्ठ बनाते हैं । हमारी संस्कृति दया को धर्म का मूल मानती है और सदियों से इसका अनुसरण करती चली आ रही हैं । जीव हत्या को यहाँ महापाप समझा जाता है। हर एक जीव को जीवन का अधिकार देती है।
कर्तव्य के लिए जान निछावर कर देना यह विशेषता भी हमारी संस्कृति में पाई जाती है। कभी पुत्र पिता के वचन पालन के लिए वन में निवास करता है। कभी धर्म की रक्षा के लिए प्रिय को निछावर कर देता है।
विनम्रता को मानव का श्रेष्ठ गुण माना जाता है । जो मानव को जीवन में सि्थर बनाएं रखता है । मानव के अंतर मन में अहंकार पैदा नहीं होने देता है । सब में समानता का भाव लाता है। कोई भी अपने श्रेष्ठ गुणों का अहंकार नहीं करता है ।
हम अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व है।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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