शीर्षक- भक्ति की शक्ति
विधा - लघुकथा
भक्त नामदेव जी महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत हुए है ।उन्होंने पूरा जीवन ईश्वर की भक्ति और समाज सेवा में व्यतीत किया। इनके जीवन काल में जात पात का बहुत बोलवाला था, निम्न जात के लोगों का मंदिर में प्रवेश वर्जित माना जाता था । मंदिर में पूजा करने का अधिकार सिर्फ उच्च जाति के लोगों को था।
एक दिन भक्त नामदेव जी के मन में भी आया मंदिर जाकर ईश्वर की पूजा करूँ वो मंदिर में जाने के लिए घर से निकल पड़े। जब वह मंदिर में प्रवेश करने लगे, मंदिर के पुजारियों और उच्च जाति के लोगों ने भक्त नामदेव जी को धक्के मारकर मंदिर से बाहर निकाल दिया ।
भक्त नामदेव जी मंदिर के पीछे जाकर ईश्वर के ध्यान में बैठा गया । एक ऐसा चमत्कार हुआ ,जिसे देखकर सब हैरान हो गया । मंदिर का मुख पश्चिम दिशा की ओर हो गया जिस तरफ भक्त नामदेव जी ध्यान लगाकर बैठे थे सब ने सच्ची भक्ति की शक्ति का प्रमाण अपनी आंखों से देख लिया । इससे यह सिद्ध होता है कि सच्ची भक्ति करने वाले की लाज ईश्वर स्वयं बचाते है ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू , जम्मू कश्मीर
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