फ़ॉलोअर

रविवार, 11 अप्रैल 2021

शब्दों की गरिमा और हम

 # नमन मंच 🙏🙏🙏

# साहित्य संगम संस्थान उड़ीसा इकाई

# दिनांक - 11/04/2021

# दिन - शनिवार

# विषय - शब्दों की गरिमा और हम

# विधा - स्वैच्छिक 

शब्द ही ईश्वर से मिलाता, 

आत्मा परमात्मा का मेल कराता । 

शब्द ही ज्ञान देता, 

अज्ञान का नाश करता। 

शब्द ही विद्वान बनाता, 

सबको अच्छा इंसान बनाता। 

शब्द अच्छे बुरे की परख सिखाता, 

बुरे कर्मो से हमेशा बचाता। 

शब्दों ही महान ग्रंथ बनाते, 

सब को संस्कारी बनाते । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू, जम्मू कश्मीर






कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...