# नमन मंच 🙏🙏🙏
# कलमकार कुम्भ
# दिनांक - 31/03/2021
# दिन - बुधवार
# विषय - खुमारी रंग की
# शीर्षक -
# विधा - छंदमुक्त कविता
होली के रंगों में मस्ती
हर बात पर
निकलती हंसी
प्रेम रंग की
चढ़ गई खुमारी
भूल गए
पीड़ा सारी
गिले शिकवे
मन से हट गए
प्रेम के बंधन में
सब बंध गए।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
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