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मंगलवार, 16 फ़रवरी 2021

मित्रता


# नमन मंच 🙏🙏🙏

# साहित्य संगम संस्थान पंजाब इकाई

# दिनांक - 10/04/2021

# दिन - शनिवार

# विषय - मित्रता

# विधा - पद्म


सुदामा आया तेरे धाम , 


उसके काज पूरे करो श्याम। 


प्रेम प्रीत का रखा भरोसा, 


उठ चला आया तेरे देसा । 


उपहार वस्तु न मेरे पास  , 


नेत्रों में दरस की प्यास। 


दीन हीन खड़ा तेरे द्वार, 


जल्दी करो मेरा उद्धार । 


द्वारपाल को अपना परिचय बताया, 


द्वारपाल ने हंसी मजाक उड़ाया। 


शर्माया लौट चला निज धाम , 


अब नहीं मिलेंगे मुझको श्याम । 


अपनी दीन दशा का आ गया ध्यान, 


कैसे खाली हाथ करूंगा प्रणाम । 


सुदामा आने की खबर जो पाई , 


नंगें पांव दौड़ चले आए कन्हाई । 


मित्र की देख दीन दशा को, 


नयनों से बरसने लगा नीर। 


सुदामा को जाकर गले लगाया, 


मित्रता का धर्म खूब निभाया । 


स्वरचित एवं मौलिक


अमरजीत सिंह 


जम्मू-कश्मीर,जम्मू






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