# नमन मंच 🙏🙏🙏
# साहित्य संगम संस्थान पंजाब इकाई
# दिनांक - 10/04/2021
# दिन - शनिवार
# विषय - मित्रता
# विधा - पद्म
सुदामा आया तेरे धाम ,
उसके काज पूरे करो श्याम।
प्रेम प्रीत का रखा भरोसा,
उठ चला आया तेरे देसा ।
उपहार वस्तु न मेरे पास ,
नेत्रों में दरस की प्यास।
दीन हीन खड़ा तेरे द्वार,
जल्दी करो मेरा उद्धार ।
द्वारपाल को अपना परिचय बताया,
द्वारपाल ने हंसी मजाक उड़ाया।
शर्माया लौट चला निज धाम ,
अब नहीं मिलेंगे मुझको श्याम ।
अपनी दीन दशा का आ गया ध्यान,
कैसे खाली हाथ करूंगा प्रणाम ।
सुदामा आने की खबर जो पाई ,
नंगें पांव दौड़ चले आए कन्हाई ।
मित्र की देख दीन दशा को,
नयनों से बरसने लगा नीर।
सुदामा को जाकर गले लगाया,
मित्रता का धर्म खूब निभाया ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू-कश्मीर,जम्मू
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