# नमन मंच 🙏🙏🙏
# हिंदी साहित्य संगम संस्थान महाराष्ट्र इकाई
# दिनांक - २६/०२/२०२१
# दिवस- शुक्रवार
# विषय - मन
# विधा - गीत
मन मेरे तूं मीत मेरा
अच्छा बुरा कर्म तेरा
तेरा मेरा रिश्ता निराला
साथी है तूं मेरा कर्म वालों
मन मेरे तूं.......
न कोई अपना पराया
हर कोई लगता अपना साया
मन मेरे तूं...........
मन मेरे तेरे सुंदर भाव
तूं करता सच्चा प्यार
मन मेरे तूं..............
प्रेम रस का पी ले जाम
पूरे होगे तेरे काम
मन मेरे तूं..........
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें