शीर्षक - गोपाल गोपियों की सुनो कहानी
गोपाल गोपियों की सुनो कहानी
सुख मन उपजे ज्ञान पाए ज्ञानी
प्रेम भक्ति का कोई नहीं मोल
हृदय बस गया गिरिधर अमोल
प्रेम प्रीत कोई नहीं जात
प्रेम रस पाया दिन और रात
मैं मेरी की मिट गई कान
मन में बस गए कृष्णा श्याम
रासलीला गोपियों संग रचाई
सब ओर दिखे कृष्ण कन्हाई
राधा रानी की अमर कहानी
कृष्ण प्रेम में बनी दीवानी
गोकुल में चली हवा मस्तानी
बनी गोपियां श्याम दीवानी
चुराके माखन गोपियों का खाया
प्रेम रस सब को पिलाया ।
अमरजीत सिंह
जम्मू-कश्मीर, जम्मू
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