🙏🙏🙏 नमन मंच 🙏🙏🙏
दिनांक - १६/०४/२०२१
दिवस - शुक्रवार
विषय - उम्मीद का दामन
शीर्षक - उम्मीदों का आकाश कभी झुकता नहीं .......
विधा - छंदमक्त कविता
उम्मीदों का आकाश कभी झुकता नही ं
बुलंद हौंसले वाला कभी रुकता नहीं
सपने देखता जो खुली आँखों से
विघ्न बाधाओं से डरता नहीं
परिश्रम करना जिसका धर्म है
हार जीत की परवाह करता नहीं
आत्मविश्वास से जो है भरा
सहारा किसी और का तलाशता नहीं
मुश्किलों परेशानियों को जिसने झेल लिया
सफलता अमृत उस ने ही पी लिया।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर ,जिला- जम्मू
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